विवादित बयान के लिए भुगतेंगी प्रज्ञा ठाकुर
विवादित बयान के लिए प्रज्ञा ठाकुर पर कार्यवाही की जाएगी। लोकसभा में भी दिए विवादित बयान के लिए भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर हर ओर से घिर गई हैं। स्वयं उनकी पार्टी भाजपा ने संसदीय दल की बैठक में उनके भाग लेने पर रोक लगा दी है। साथी रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति से भी उन्हें बाहर कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी सांसदों ने उनके खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है।

बीजेपी ने स्वयं प्रज्ञा ठाकुर के बयान से खुद को अलग कर लिया है। प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही की जानकारी देते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी संसदीय दल की बैठक में उनके भाग लेने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर का बयान निंदनीय है और भाजपा ऐसे बयान और विचार का कभी समर्थन नहीं करती है।
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वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे संसदीय इतिहास का दुखद दिन बताते हुए भाजपा आरएसएस की सोच को करार दिया है। आपको बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर टिप्पणी की थी। साध्वी प्रज्ञा की बयानबाजी के बाद अब उन्हीं की पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी विवादित बोल बोले हैं। उन्होंने कहा कि देश जब आजाद हुआ था तब नेहरू की दुर्बल नीतियों से नाराज होकर गोडसे ने ऐसा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि जब देश बंटा तब पाकिस्तान मुस्लिम देश हो गया उसी तर्ज पर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित हो जाना चाहिए था।
नाथूराम गोडसे की यही मंशा थी, लेकिन महात्मा गांधी अपनी जिद पर अड़े रहे जिससे आक्रोशित होकर गोडसे ने उनकी हत्या कर दी। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गोडसे को ऐसा नहीं करना चाहिए था। नाथूराम गोडसे से महात्मा गांधी की हत्या करने की बड़ी भूल अवश्य हुई है लेकिन उन्हें आतंकवादी की संज्ञा नहीं दी जा सकती। उनसे दोबारा यह प्रश्न पूछे जाने पर कि तब क्या गोडसे राष्ट्रभक्त थे, उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। केवल इतना कहा कि राष्ट्र विरोधी हरकतों में शामिल होने वाले को हम आतंकवादी कह सकते हैं देश विरोधी गतिविधियों में गोडसे की कोई भूमिका नहीं रही है।

